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CG History GK


CG History GK in Hindi 2026 | छत्तीसगढ़ का इतिहास | Chhattisgarh History GK Questions, MCQ, One Liner & Notes

Chhattisgarh Ka Itihas
छत्तीसगढ़ का इतिहास GK 


इस पोस्ट में छत्तीसगढ़ का इतिहास (CG History GK) प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक सरल भाषा में दिया गया है। इसमें CGPSC, CG Vyapam, SI, Police, Patwari, Teacher, Hostel Warden, Forest Guard जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य, One-Liner, MCQ और Revision Notes शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ का इतिहास – परिचय 

छत्तीसगढ़ का इतिहास भारत के प्राचीन एवं गौरवशाली इतिहास का महत्वपूर्ण भाग है। यहाँ प्रागैतिहासिक मानव के प्रमाण, दक्षिण कोसल की पहचान, विभिन्न राजवंशों का शासन, मराठा एवं ब्रिटिश काल तथा आधुनिक छत्तीसगढ़ राज्य के गठन तक की ऐतिहासिक यात्रा को समझा जा सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में इस विषय से नियमित प्रश्न पूछे जाते हैं।

छत्तीसगढ़ का इतिहास अनेक राजवंशों, सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ा हुआ है। समय के साथ इस क्षेत्र का राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास हुआ, जिसने वर्तमान छत्तीसगढ़ की पहचान बनाई।

 प्रागैतिहासिक काल

प्रागैतिहासिक काल में छत्तीसगढ़ मानव सभ्यता के प्रारंभिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र रहा। इस काल से जुड़े शैलचित्र, गुफाएँ एवं पुरातात्विक अवशेष यहाँ के प्राचीन मानव जीवन की जानकारी प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ में प्रागैतिहासिक मानव के निवास के प्रमाण अनेक पुरातात्विक स्थलों से प्राप्त हुए हैं।

  • शैलचित्र उस समय के मानव जीवन, शिकार, नृत्य और सामाजिक गतिविधियों की झलक प्रस्तुत करते हैं।
  • रायगढ़ जिले का सिंघनपुर शैलचित्रों के कारण विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
  • सरगुजा क्षेत्र की जोगीमारा और सीताबेंगरा गुफाएँ ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
  • प्रारंभिक मानव पत्थर से बने औजारों का उपयोग दैनिक जीवन एवं शिकार के लिए करता था।
  • पुरातात्विक साक्ष्यों से यह स्पष्ट होता है कि उस समय मानव प्रकृति पर अधिक निर्भर था।
  • शैलचित्रों में पशु, मानव आकृतियाँ और शिकार के दृश्य प्रमुख रूप से अंकित हैं।
  • प्रागैतिहासिक अवशेष छत्तीसगढ़ की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।
  • इन स्थलों के अध्ययन से मानव सभ्यता के प्रारंभिक विकास की जानकारी प्राप्त होती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में शैलचित्रों, गुफाओं और उनसे संबंधित स्थानों पर आधारित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।

 प्राचीन काल

प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ को दक्षिण कोसल के नाम से जाना जाता था। इस समय अनेक राजवंशों ने शासन किया तथा धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास हुआ। इस काल की घटनाएँ प्रतियोगी परीक्षाओं में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

  • प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ को दक्षिण कोसल के नाम से जाना जाता था।
  • सिरपुर (श्रीपुर) उस समय का प्रमुख ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगर था।
  • सिरपुर बौद्ध, जैन और हिंदू धर्म के अध्ययन एवं विकास का महत्वपूर्ण केंद्र रहा।
  • प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपनी भारत यात्रा के दौरान सिरपुर का उल्लेख किया है।
  • सिरपुर स्थित लक्ष्मण मंदिर भारत के प्राचीन ईंट निर्मित मंदिरों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
  • प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ व्यापारिक मार्गों के माध्यम से अन्य क्षेत्रों से जुड़ा हुआ था।
  • इस काल में शिक्षा, धर्म और स्थापत्य कला का उल्लेखनीय विकास हुआ।
  • विभिन्न शासकों के संरक्षण में अनेक मंदिर, विहार एवं सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए गए।
  • पुरातात्विक उत्खननों से प्राप्त मूर्तियाँ, सिक्के और अभिलेख प्राचीन इतिहास के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

 📌परीक्षा टिप
प्रतियोगी परीक्षाओं में दक्षिण कोसल, सिरपुर, ह्वेनसांग और लक्ष्मण मंदिर से संबंधित प्रश्न पूछे जाने कि संभावना  रहती हैं। इससे सम्बंधित जितने भी डिटेल्स मिल सके पढ़ना चाहिए। 

मध्यकाल

ध्यकाल में विभिन्न राजवंशों के शासन के कारण छत्तीसगढ़ का राजनीतिक स्वरूप बदलता रहा। इस काल में प्रशासन, स्थापत्य कला और धार्मिक गतिविधियों का उल्लेखनीय विकास हुआ। प्राचीन काल के बाद छत्तीसगढ़ में मध्यकालीन इतिहास का आरंभ हुआ, जिसमें अनेक स्थानीय राजवंशों ने शासन किया। इस काल में राजनीतिक स्थिरता के साथ-साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य विकास भी हुआ। मंदिरों, किलों, तालाबों और अभिलेखों का निर्माण इसी समय बड़े पैमाने पर हुआ। छत्तीसगढ़ के मध्यकालीन इतिहास में विशेष रूप से कलचुरी, नागवंश और अन्य स्थानीय शासकों का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में इस काल से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
  • मध्यकालीन छत्तीसगढ़ पर कई स्थानीय राजवंशों का प्रभाव रहा।
  • इस काल में प्रशासनिक व्यवस्था पहले की अपेक्षा अधिक संगठित हुई।
  • धार्मिक स्थलों, मंदिरों और मठों के निर्माण को शासकों का संरक्षण प्राप्त था।
  • कृषि एवं व्यापार के विकास से क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।
  • अनेक ताम्रपत्र एवं शिलालेख इसी काल के इतिहास की जानकारी प्रदान करते हैं।
  • कला, मूर्तिकला और स्थापत्य शैली में उल्लेखनीय प्रगति हुई।
  • रतनपुर और सिरपुर जैसे नगर ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बने रहे।
  • इस काल में स्थानीय संस्कृति और लोक परंपराओं का विस्तार हुआ।
  • कई प्रसिद्ध जलाशयों और मंदिरों का निर्माण मध्यकाल में कराया गया।

📌परीक्षा टिप
प्रतियोगी परीक्षाओं में मध्यकालीन इतिहास के साथ कलचुरी वंश से जुड़े प्रश्न सबसे अधिक पूछे जाते हैं।

कलचुरी वंश

कलचुरी वंश छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण राजवंश माना जाता है। इस वंश के शासनकाल में अनेक मंदिर, तालाब एवं ऐतिहासिक स्मारकों का निर्माण हुआ तथा राज्य का व्यापक विकास हुआ।

  • कलचुरी वंश मध्यकालीन छत्तीसगढ़ का प्रमुख एवं प्रभावशाली राजवंश था।
  • रतनपुर इस वंश की प्रमुख राजधानी के रूप में प्रसिद्ध रहा।
  • कलचुरी शासकों ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को संगठित रूप प्रदान किया।
  • इस काल में अनेक मंदिर, तालाब और धार्मिक स्थलों का निर्माण कराया गया।
  • मल्हार, रतनपुर और ताला जैसे स्थान कलचुरी इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
  • ताम्रपत्र, शिलालेख एवं अभिलेख कलचुरी शासन के प्रमुख ऐतिहासिक स्रोत माने जाते हैं।
  • कलचुरी शासकों ने कृषि, सिंचाई और व्यापार को प्रोत्साहन दिया।
  • इस वंश के शासनकाल में कला, मूर्तिकला और स्थापत्य शैली का उल्लेखनीय विकास हुआ।
  • कलचुरी काल के अनेक स्मारक आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित हैं।

📌 परीक्षा टिप
CGPSC एवं CG Vyapam की परीक्षाओं में कलचुरी वंश, रतनपुर, मल्हार और प्रमुख शासकों से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। आपको पुराने  Question Paper से भी तैयारी करनी चाहिए। 

मराठा शासन

मराठा शासन के दौरान छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था एवं राजस्व प्रणाली में कई परिवर्तन हुए। इस काल का अध्ययन आधुनिक इतिहास को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

  • छत्तीसगढ़ में मराठा शासन का संचालन मुख्यतः नागपुर के भोंसले शासकों द्वारा किया गया।
  • रतनपुर पर अधिकार स्थापित होने के बाद मराठा प्रभाव पूरे क्षेत्र में बढ़ा।
  • इस काल में राजस्व संग्रह प्रणाली को अधिक संगठित बनाया गया।
  • कृषि से प्राप्त आय शासन की आय का प्रमुख स्रोत थी।
  • प्रशासनिक कार्यों के लिए स्थानीय अधिकारियों की नियुक्ति की जाती थी।
  • मराठा शासन में कई पारंपरिक व्यवस्थाओं में परिवर्तन किए गए।
  • व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख मार्गों का उपयोग किया गया।
  • मराठा काल ने आगे चलकर ब्रिटिश प्रशासन के लिए आधार तैयार किया।
  • इस काल से संबंधित जानकारी विभिन्न अभिलेखों एवं ऐतिहासिक दस्तावेज़ों से प्राप्त होती है।
📌 परीक्षा टिप
दि मराठा शासन से कुछ बातें याद रखनी हों, तो इन्हें प्राथमिकता दें—
भोंसले वंश
नागपुर
रतनपुर
राजस्व व्यवस्था
प्रशासनिक परिवर्तन

ब्रिटिश शासन

ब्रिटिश शासन के दौरान छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन भी हुए। इसी काल में स्वतंत्रता आंदोलन की गतिविधियाँ भी तेज हुईं।

  • मराठा शासन के अंत के बाद छत्तीसगढ़ पर अंग्रेजों का प्रशासनिक प्रभाव स्थापित हुआ।
  • ब्रिटिश शासन में प्रशासन को अधिक व्यवस्थित और केंद्रीकृत बनाया गया।
  • भूमि एवं राजस्व व्यवस्था में कई नए नियम लागू किए गए।
  • इस काल में सड़क, डाक और संचार जैसी सुविधाओं का धीरे-धीरे विस्तार हुआ।
  • अंग्रेजी शासन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में भी नए परिवर्तन देखने को मिले।
  • वन क्षेत्रों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ने से आदिवासी समुदाय प्रभावित हुए।
  • कई स्थानीय आंदोलनों ने अंग्रेजी नीतियों का विरोध किया।
  • किसानों और आम जनता पर करों का दबाव बढ़ने से असंतोष पैदा हुआ।
  • ब्रिटिश काल में छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय चेतना का विस्तार होने लगा।

 📌परीक्षा टिप
यदि ब्रिटिश शासन से इन बातों को याद रखना चाहिए, तो इन्हें प्राथमिकता दें—
अंग्रेजी प्रशासन
भूमि एवं राजस्व व्यवस्था
वन नीति
जनआंदोलन
राष्ट्रीय चेतना

स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों एवं जनआंदोलनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस विषय से संबंधित प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।

  • छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलन में स्थानीय जनता ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
  • वीर नारायण सिंह को छत्तीसगढ़ का प्रथम शहीद माना जाता है।
  • वीर नारायण सिंह का संबंध सोनाखान से था।
  • कंडेल नहर सत्याग्रह छत्तीसगढ़ के प्रमुख आंदोलनों में से एक था।
  • पंडित सुंदरलाल शर्मा ने राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • ठाकुर प्यारेलाल सिंह ने श्रमिकों और आम जनता के अधिकारों के लिए कार्य किया।
  • असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलन का प्रभाव छत्तीसगढ़ में भी दिखाई दिया।
  • अनेक विद्यार्थियों, किसानों और आदिवासी समाज ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
  • स्वतंत्रता आंदोलन ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय एकता और स्वाभिमान की भावना को मजबूत किया।

परीक्षा टिप
CGPSC एवं CG Vyapam की परीक्षाओं में वीर नारायण सिंह, कंडेल नहर सत्याग्रह, पंडित सुंदरलाल शर्मा और ठाकुर प्यारेलाल सिंह से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इनके बारे में जितना हो सके जानकारी लेनी चाहिए 


One-Liners (Fast Revision)

One Liner GK
इस भाग में इतिहास से संबंधित सभी महत्वपूर्ण One Liner जोड़े जाएंगे

  • "दक्षिण कोसल" नाम का उल्लेख प्राचीन साहित्य में मिलता है।
  • सिरपुर महानदी के तट पर स्थित एक प्राचीन नगर है।
  • कलचुरी शासकों ने ताम्रपत्र जारी करने की परंपरा अपनाई।
  • रतनपुर लंबे समय तक राजनीतिक केंद्र बना रहा।
  • मराठा शासन के समय नागपुर का प्रभाव छत्तीसगढ़ पर बढ़ा।
  • अंग्रेजी शासन में वन कानूनों ने आदिवासी जीवन को प्रभावित किया।
  • कंडेल नहर आंदोलन किसानों के अधिकारों से जुड़ा था।
  • वीर नारायण सिंह को 1857 के विद्रोह के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है।
  • छत्तीसगढ़ का गठन मध्यप्रदेश पुनर्गठन के परिणामस्वरूप हुआ।
  • पुरातात्विक उत्खननों से सिरपुर का ऐतिहासिक महत्व प्रमाणित हुआ।
  • कलचुरी काल में धार्मिक सहिष्णुता के प्रमाण मिलते हैं।
  • प्रागैतिहासिक शैलचित्र मानव की कलात्मक अभिव्यक्ति को दर्शाते हैं।
  • छत्तीसगढ़ के इतिहास में आदिवासी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
  • इतिहास के अध्ययन में शिलालेख, सिक्के और ताम्रपत्र प्रमुख स्रोत माने जाते हैं।

📌महत्वपूर्ण सूचना
इस पोस्ट में छत्तीसगढ़ GK एवं सामान्य ज्ञान (General Knowledge) से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों को समय-समय पर जोड़ा और अपडेट किया जाता रहेगा, ताकि विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को एक ही स्थान पर अधिक से अधिक उपयोगी प्रश्न मिल सकें।
यदि आपको इस पोस्ट में किसी प्रश्न, उत्तर या अन्य जानकारी में कोई त्रुटि दिखाई देती है, तो कृपया हमें सूचित करें। आपके द्वारा बताई गई जानकारी की जाँच करने के बाद आवश्यक सुधार किया जाएगा, ताकि पोस्ट में सही और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
आपका सुझाव और सहयोग हमारे लिए महत्वपूर्ण है।

महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर


इस भाग में केवल परीक्षा में पूछे जाने वाले VIP प्रश्न–उत्तर शामिल किए जाएंगे।


छत्तीसगढ़ इतिहास के महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर


1. छत्तीसगढ़ को प्राचीन काल में "दक्षिण कोसल" क्यों कहा जाता था?

उत्तर: प्राचीन भारतीय ग्रंथों एवं ऐतिहासिक अभिलेखों में इस क्षेत्र का उल्लेख "दक्षिण कोसल" के रूप में मिलता है। यही नाम आगे चलकर छत्तीसगढ़ के प्राचीन इतिहास की पहचान बना।


2. सिरपुर को छत्तीसगढ़ के इतिहास में विशेष महत्व क्यों प्राप्त है?

उत्तर: सिरपुर प्राचीन काल में धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। यहाँ से प्राप्त मंदिर, विहार और पुरातात्विक अवशेष इसके ऐतिहासिक महत्व को प्रमाणित करते हैं।


3. छत्तीसगढ़ के इतिहास में कलचुरी वंश का योगदान अन्य राजवंशों से अलग क्यों माना जाता है?

उत्तर: कलचुरी शासकों ने प्रशासन को संगठित किया, मंदिरों और तालाबों का निर्माण कराया तथा कला और संस्कृति को संरक्षण दिया। इसलिए यह काल छत्तीसगढ़ के विकास का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।


4. मराठा शासन ने छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था को किस प्रकार प्रभावित किया?

उत्तर: मराठा शासन के दौरान राजस्व संग्रह, प्रशासनिक नियंत्रण और स्थानीय शासन व्यवस्था में कई परिवर्तन किए गए, जिनका प्रभाव बाद के शासनकाल में भी दिखाई देता है।


5. ब्रिटिश शासन का छत्तीसगढ़ के सामाजिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर: अंग्रेजी शासन के दौरान नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू हुई, लेकिन वन कानूनों और कर नीतियों के कारण किसानों एवं आदिवासी समुदायों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।


6. स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका को महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?

उत्तर: यहाँ के किसानों, आदिवासी समाज और स्वतंत्रता सेनानियों ने राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भाग लिया। उनके संघर्ष ने क्षेत्र में स्वतंत्रता की चेतना को मजबूत किया।


7. कंडेल नहर सत्याग्रह को ऐतिहासिक आंदोलन क्यों माना जाता है?

उत्तर: यह आंदोलन किसानों के अधिकारों और अन्यायपूर्ण नीतियों के विरोध का प्रतीक था। इसने छत्तीसगढ़ में जनजागरण को नई दिशा दी।


8. प्रागैतिहासिक शैलचित्र इतिहासकारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?

उत्तर: शैलचित्र उस समय के मानव जीवन, रहन-सहन, शिकार और सामाजिक गतिविधियों की जानकारी देते हैं। इन्हें प्रागैतिहासिक इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।


9. छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की आवश्यकता क्यों महसूस की गई?

उत्तर: क्षेत्रीय विकास, प्रशासनिक सुविधा और स्थानीय पहचान को मजबूत करने के उद्देश्य से अलग राज्य की मांग लंबे समय तक उठती रही, जिसके परिणामस्वरूप 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ।



MCQ – प्रश्नोत्तर (Show Answer)

Q1. छत्तीसगढ़ के प्राचीन इतिहास में दक्षिण कोसल नाम का संबंध किससे है?

  1. महाजनपद
  2. प्राचीन छत्तीसगढ़
  3. मराठा राज्य
  4. ब्रिटिश प्रांत

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा राजवंश छत्तीसगढ़ के मध्यकालीन इतिहास से संबंधित है?

  1. मौर्य वंश
  2. सातवाहन वंश
  3. कलचुरी वंश
  4. गुप्त वंश

Q3.छत्तीसगढ़ में मराठा शासन का प्रमुख संबंध किस शासक वंश से माना जाता है?

  1. नल वंश
  2. पाण्डुवंश
  3. भोंसले वंश
  4. शरभपुरीय वंश

Q4. निम्न में से कौन-सा काल प्राचीन राजवंशों के अध्ययन का भाग माना जाता है?

  1. मौर्य काल
  2. ब्रिटिश काल
  3. मराठा शासन
  4. इनमें से कोई नहीं

Exam Notes & Tips

  • अपडेटेड प्रशासनिक बदलाव (जिले/विभाग) समय-समय पर जोड़ते रहें।

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प्रागैतिहासिक काल 

आद्यऐतिहासिक काल 

वैदिक काल 

महाकाव्य काल 

महाजनपद काल 

प्राचीन राजवंश

मौर्य काल 

सातवाहन काल 

गुप्त काल 

नल वंश 

शरभपुरीय वंश 

पाण्डुवंश 

सोमवंश 

कलचुरी वंश 

आधुनिक इतिहास

मराठा शासन 

ब्रिटिश काल 

छत्तीसगढ़ राज्य गठन 

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